fbpx
जानें इस बार क्यों है रक्षाबंधन खास ? कौन कौन से बनेंगे महासंयोग और कितने बजे बांधी जाएगी राखी !!

जानें इस बार क्यों है रक्षाबंधन खास ? कौन कौन से बनेंगे महासंयोग और कितने बजे बांधी जाएगी राखी !!

जाने इस बार रक्षाबंधन क्यों है खास?

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन मास की पूर्णिमा तिथि को यानी कि 3 अगस्त को रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा। पर, ग्रह नक्षत्रों के अद्भुत संयोग के कारण यह राखी काफी विशिष्ट और शुभ मानी जा रही है, ऐसा माना जा रहा है कि यह दुर्लभ महासंयोग करीब 30 वर्षों के बाद बन रहा है।

हस्तलिखित जन्मकुंडली, सटीक फलादेश और फोन आपके सभी सवालों के जवाब।

कौन-कौन से बनेंगे योग?

इस बार रक्षाबंधन के दिन यानी श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को सावन मास के अंतिम सोमवारी भी पड़ रही है, जो कि इस रक्षाबंधन का अति विशिष्ट शुभ योग है। इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग बनेंगे, जो कि ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग माने जाते हैं। इसी दिन सोमवती पूर्णिमा का भी योग बनेगा, और चंद्रमा भी मकर राशि में रहते हुए पूर्णिमा में अस्त नहीं होंगे। साथ ही साथ सूर्य और शनि के बीच परस्पर समसप्तक दृष्टि संबंध भी बनेगा।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त :- राखी बांधने का शुभ मुहूर्त :- इस दिन राहु काल सुबह 7:30 से लेकर 9:00 बजे तक रहेगा, इस अवधि में राखी बांधना वर्जित होगा। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह के में 9:27 से रात के 9:17 तक रहेगा।इस 11 घंटे 49 मिनट की अवधि में कभी भी बहन अपने भाई के कलाई में राखी बांध सकती हैं।

राखी बांधते वक्‍त करें इन मंत्रों का जाप 

येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबल:।

तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥

इस श्लोक का अर्थ है- जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को बाँधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुझे बांधता हूँ। हे रक्षे (राखी)! तुम अडिग रहना (तू अपने संकल्प से कभी भी विचलित न हो।

Leave a Comment

Your email address will not be published.